Wednesday, May 6, 2020

कोरोना का इलाज

*क्या है कोरोना वायरस?*

कोरोना वायरस एक नई महामारी है जो चीन से फैल रही है। इस महामारी ने चीन में ही नहीं अपितु पूरी दुनिया में हाहाकार मचा कर रखा हुआ है। यह संक्रमण तेजी से कई देशों में फैल रहा है तथा अभी तक कई दर्जनों देश जैसे अमेरिका, चीन, थाईलैंड,  हांगकांग, जापान, दक्षिण कोरिया, नेपाल, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, श्रीलंका आदि इस प्रकोप की चपेट में आ चुके हैं। भारत में भी कई शहरों राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और मोहाली आदि में इस वायरस से ग्रसित लोग पाए गए हैं जिनको आइसोलेशन में रखा गया है। यह बिल्कुल नई किस्म का वायरस है और यह वायरस जानवरों में पाया जाता है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान शहर में शुरू हुआ था।



अभी तक इस वायरस से मरने वालों की संख्या 130 पार कर गई है अथवा संक्रमित मरीजों की संख्या 6000 तक पहुंच चुकी है। यह एक बहुत ही खतरनाक वायरस है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस 2002-2003 में फैले सार्स वायरस से भी अधिक घातक है।



 *कैसे फैलता है कोरोना वायरस?*

जो लोग मांस  खाते हैं, वह बहुत जल्दी इसके  संक्रमण में आते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस जहां चीन में मीट मांस की खुली दुकाने हैं और जहां पर अधिकतर  सी-फूड (समुद्र के जीव) मिलता है, वहां से पनपा है। इसी वजह से वहां पर सी-फूड मार्केट को फिलहाल अभी के लिए बंद कर दिया गया है ताकि संक्रमण को कम किया जा सके।

 *कोरोना वायरस के क्या  लक्षण हैं?*

इस वायरस के लक्षण चार से पांच दिन बाद दिखने लगते हैं। इस बीमारी के लक्षण आम फ्लू की तरह ही होते हैं इसलिए इसकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है। इन लक्षणों में सिर दर्द, खांसी, गले में खराश, छींक आना अस्थमा का बिगड़ना, थकान महसूस करना और सांस लेने में तकलीफ होना आदि हैं।

 *कोरोना वायरस का इलाज क्या है?*

कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए अभी तक किसी भी प्रकार की वैक्सीन नहीं बनी है। परन्तु विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस वायरस से बचने के लिए हेल्थ एडवायजरी जारी की है। इसमें यह बताया गया है कि सर्दी-जुखाम और निमोनिया से पीड़ित लोगों के संपर्क में आने से जितना हो बचना चाहिए, साथ ही अपने आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। हाथों को बार-बार साबुन से अच्छी तरह से धोएं और अधिकतर मास्क पहनकर ही बाहर निकलें। इसके अलावा जानवरों से भी दूर रहें।

इतनी प्रयासों के बावजूद भी इस वायरस की चपेट में आने की संभावना बहुत है, क्योंकि यह वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से आगे बहुत जल्दी फैलता है। मांस खाना, मदिरा का सेवन करना और अन्य कृत्यों का चलन पश्चिमी संस्कृति में ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति में भी घर कर रहे हैं, जो सभी बीमारियों की जड़ है।

अभी तक कितने ही वायरस जैसे कि स्वाइन फ्लू, इबोला वायरस, सार्स और अब कोरोना वायरस इत्यादि सभी जानवरों से होने वाले वायरस पाए गए हैं। जहां भी अपने स्वाद के लिए जानवरों को काटा जाता है, वहां से यह बीमारियां  पनपती हैं।

परमात्मा के विधान के अनुसार  कहीं भी मांस खाने का उल्लेख नहीं है। यहां तक कि सभी धर्मग्रंथों के अनुसार मांस खाना निषेध है।

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